सवाल-जवाब
लोग जो सबसे ज़्यादा पूछते हैं, उनके सीधे जवाब। आपका सवाल नहीं है तो WhatsApp करें।
ऑर्डर और भुगतान
ऑर्डर कैसे करें?
सामान कार्ट में डालें, पिन कोड और पता लिखें, और WhatsApp पर ऑर्डर भेजें दबाएँ। तैयार मैसेज खुलेगा — बस भेज दें। कोई अकाउंट या ऐप नहीं चाहिए।
पैसे कब देने हैं?
डिलीवरी के समय — नक़द या UPI (GPay, PhonePe)। पहले से कुछ नहीं देना। होटल और कैफ़े के लिए साप्ताहिक या पाक्षिक बिल बन सकता है।
क्या न्यूनतम ऑर्डर है?
हाँ, ₹149 — ठीक हमारे ट्रायल बॉक्स की क़ीमत, ताकि आप एक बॉक्स से शुरुआत कर सकें।
पहले ऑर्डर की छूट कैसे मिलती है?
कार्ट में FIRST10 चुनें — ₹200 या उससे ज़्यादा के पहले ऑर्डर पर 10% छूट। एक ऑर्डर पर एक ही कोड।
ऑर्डर रद्द किया जा सकता है?
हाँ, बिना किसी शुल्क के, अगर आप डिलीवरी से पिछली रात रात 9 बजे तक बता दें। कटाई के बाद ऑर्डर रद्द नहीं होता — वह आपके लिए ही काटा गया है।
डिलीवरी
आप कहाँ डिलीवरी करते हैं?
पूरे नागपुर में, तीन ज़ोन में। अपना पिन कोड डालकर ज़ोन, शुल्क और समय देखें। नागपुर के बाहर हम नहीं भेजते — ताज़ी पत्तियाँ लंबा सफ़र नहीं झेलतीं।
मेरा ऑर्डर कब पहुँचेगा?
रात 9 बजे तक ऑर्डर करें, हम अगली सुबह सुबह 6 बजे कटाई करते हैं। डिलीवरी सुबह 7 से 11 के बीच, आपके ज़ोन के अनुसार।
डिलीवरी शुल्क कितना है?
ज़ोन A में ₹30 (₹300 से मुफ़्त), ज़ोन B में ₹40 (₹400 से मुफ़्त), ज़ोन C में ₹60 (₹600 से मुफ़्त)। ऑर्डर से पहले कार्ट में सही शुल्क दिखता है।
ताज़गी और सुरक्षा
कितने दिन चलते हैं?
फ़्रिज में हवाबंद डिब्बे में 4 से 6 दिन। बेसिल और धनिया जल्दी — 3–4 दिन में खा लें। लाइव ट्रे फ़्रिज में न रखें, खिड़की के पास रखें।
धोना चाहिए?
हाँ। फ़्रिज में बिना धोए रखें और खाने से ठीक पहले हल्का धो लें — गीली पत्तियाँ जल्दी ख़राब होती हैं।
स्प्राउट्स और माइक्रोग्रीन्स — फ़र्क़ क्या?
स्प्राउट्स (अंकुर) — पानी में, अंधेरे में, जड़ के साथ खाए जाते हैं। 2-4 दिन। नम होने से कीटाणुओं का ख़तरा ज़्यादा। माइक्रोग्रीन्स — माध्यम में, रोशनी में बढ़ते हैं। जड़ न खाकर डंठल के साथ काटते हैं। ज़्यादा सुरक्षित, स्वाद ज़्यादा।
क्या आपके माइक्रोग्रीन्स ऑर्गेनिक हैं?
हम “ऑर्गेनिक” शब्द इस्तेमाल नहीं करते, क्योंकि उसके लिए प्रमाणपत्र चाहिए। हमारा वादा: न खाद, न कीटनाशक, न ग्रोथ हार्मोन — सिर्फ़ बीज, कोकोपीट, साफ़ पानी और LED रोशनी।
माइक्रोग्रीन्स कैसे खाएँ
कच्चा ही खाना चाहिए?
हाँ, कच्चा ही सबसे अच्छा — पकाने से पोषण कम हो जाता है। रोटी-सब्ज़ी पर, सलाद में, सैंडविच में या दाल-चावल पर ऊपर से डालें।
छोटे बच्चों के लिए ठीक हैं?
हाँ। शुरुआत मूँग या मटर से करें — हल्के मीठे और नरम होते हैं। मूली और सरसों तीखे होते हैं, वे बाद में।
रोज़ कितना खाना चाहिए?
दिन में 20 से 30 ग्राम काफ़ी है — यानी एक अच्छी मुट्ठी। 50 ग्राम का पैक दो लोगों को दो दिन चलता है।
मैं नियमित दवा लेता/लेती हूँ। क्या कोई दिक़्क़त है?
माइक्रोग्रीन्स खाना हैं, दवा नहीं। ख़ून पतला करने की दवा लेते हैं तो विटामिन K वाली किस्में (केल, ब्रोकली) नियमित खाने से पहले डॉक्टर से पूछें। सरसों से एलर्जी हो तो सरसों और उसके मिक्स न लें।
सब्सक्रिप्शन
सब्सक्रिप्शन कैसे काम करता है?
अपना बॉक्स, कितनी बार और कितने समय के लिए — चुनें। हम आपके लिए ट्रे आरक्षित रखते हैं और हर डिलीवरी की सुबह कटाई करते हैं। प्लान जितना लंबा, छूट उतनी ज़्यादा — 15% तक।
क्या मैं डिलीवरी रोक या छोड़ सकता/सकती हूँ?
हाँ। एक दिन पहले रात 9 बजे तक WhatsApp करें, उस दिन हम कटाई नहीं करेंगे। छोड़ी गई डिलीवरी प्लान के अंत में जुड़ जाती है।
क्या मैं अपनी पत्तियाँ बदल सकता/सकती हूँ?
हाँ, किसी भी हफ़्ते। नया बॉक्स महँगा या सस्ता हो तो हम फ़र्क़ एडजस्ट कर देते हैं।
सब्सक्रिप्शन का भुगतान कैसे करें?
हर डिलीवरी पर (नक़द या UPI), या पूरे प्लान का पैसा पहले UPI से। पहली डिलीवरी से पहले हम WhatsApp पर प्लान, तारीखें और रक़म पक्की करते हैं।
वर्कशॉप
मुझे कुछ भी नहीं पता, चलेगा?
हाँ, फ़्रेशर्स बैच इसी के लिए है। खेती का अनुभव न रखने वाली गृहिणियों और विद्यार्थियों ने भी यह सीखा है। सब कुछ मराठी में और हाथ से करके दिखाते हैं।
घर पर कितनी जगह चाहिए?
शुरुआत में एक खिड़की या बालकनी का कोना काफ़ी है। दो ट्रे के लिए 2 फ़ुट × 1 फ़ुट जगह पर्याप्त। आगे बढ़ाना हो तो रैक कैसे लगाएँ, यह रिपीट बैच में सिखाते हैं।
छोटे बच्चों को ला सकते हैं?
10 साल से बड़े बच्चों को लाएँ — उन्हें बहुत पसंद आता है और आगे घर पर वही सँभालते हैं। बच्चों की अलग फ़ीस नहीं, पर उन्हें अलग किट चाहिए तो बताएँ।
प्रमाणपत्र मिलता है?
हाँ, वर्कशॉप पूरी करने पर सहभागिता प्रमाणपत्र देते हैं। रिपीट बैच के प्रमाणपत्र पर व्यवसाय-प्रशिक्षण का उल्लेख होता है।
वर्कशॉप के बाद दिक़्क़त आए तो?
WhatsApp पर 30 दिन पूछ सकते हैं। फफूँद आ गई, उगना कम हुआ, बदबू आती है — फ़ोटो भेजें, उपाय बताते हैं।
रिपीट बैच पहले कर सकते हैं?
बेहतर है कि नहीं। रिपीट बैच फ़्रेशर्स बैच पर खड़ा है — बुनियादी बातें जाने बिना खर्च का हिसाब और बिक्री के विषय समझना कठिन होता है। फिर भी अनुभव हो तो WhatsApp पर बात करें।
सीटें भर गईं तो?
अगले बैच के लिए नाम दर्ज कर लेते हैं और तारीख़ तय होने पर सबसे पहले आपको बताते हैं। WhatsApp पर बताएँ।
अब भी कोई सवाल?
अंदाज़ लगाने से अच्छा हम कहेंगे “पता नहीं, पता करके बताते हैं।” कुछ भी पूछें।